🪔 मां बगलामुखी की आरती (हिंदी- २) & (English Lyrics) PDF

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मां बगलामुखी की आरती (हिंदी) –

आरती - १ 

जय जय श्री बगलामुखी माता,
आरती करहूँ तुम्हारी |

जय जय श्री बगलामुखी माता,
आरती करहूँ तुम्हारी |

पीत वसन तन पर तव सोहै,
कुण्डल की छबि न्यारी |

कर कमलों में मुद्गर धारै,
अस्तुति करहिं सकल नर नारी |

जय जय श्री बगलामुखी माता …………

चम्पक माल गले लहरावे,
सुर नर मुनि जय जयति उचारी |

जय जय श्री बगलामुखी माता ……………

त्रिविध ताप मिटि जात सकल सब,
भक्ति सदा तव है सुखकारी |

जय जय श्री बगलामुखी माता …………….

पालन हरत सृजत तुम जग को,
सब जीवन की हो रखवारी ||

जय जय श्री बगलामुखी माता ………..

मोह निशा में भ्रमत सकल जन,
करहु ह्रदय महँ, तुम उजियारी ||

जय जय श्री बगलामुखी माता ………..

तिमिर नशावहू ज्ञान बढ़ावहु,
अम्बे तुमही हो असुरारी |

जय जय श्री बगलामुखी माता ………..

सन्तन को सुख देत सदा ही,
सब जन की तुम प्राण प्यारी ||

जय जय श्री बगलामुखी माता ……….

तव चरणन जो ध्यान लगावै,
ताको हो सब भव – भयहारी |

जय जय श्री बगलामुखी माता ………..

प्रेम सहित जो करहिं आरती,
ते नर मोक्षधाम अधिकारी ||

जय जय श्री बगलामुखी माता ………….

|| दोहा ||

बगलामुखी की आरती, पढ़ै सुनै जो कोय |
विनती कुलपति मिश्र की, सुख सम्पति सब होय ||

आरती - २ 

ॐ जय बगला माता, मैय्या जय बगला माता ।
आदि शक्ति महारानी, सबकी जग दाता ॥
ॐ जय बगला माता…

सुन्दर वर्ण सुन्हरी मां धारण कीनों, मैय्या मां धारण कीनों ।
हीरा पन्ना आ दमके, मां सब शृंगार लीनों ॥
ॐ जय बगला माता…

रतन सिंहासन बैठी स्वर्ण छत्तर माता, मैय्या स्वर्ण छत्तर माता ।
ऋद्धि सिद्धि चवर डोला वे, जग मग छवि छाता ॥
ॐ जय बगला माता…

विष्णु सेवक तेरे सेवक शिव दाता, मैय्या सेवक शिव दाता ।
ब्रह्म वेद है वर्णत, पार नहीं पाता ॥
ॐ जय बगला माता…

सुन्दर थाल सजा है अगर कपूर बाती, मैय्या अगर कपूर बाती ।
भक्तों को सुख देती, निशदिन मदमाती ॥
ॐ जय बगला माता…

मां बगला जी की आरती, निशदिन जो गावे,
मैय्या निशदिन जो गावे ।
कहत सत्यानंद स्वामी, भव से तर जावें ॥
ॐ जय बगला माता…

🪔 मां बगलामुखी की आरती (हिंदी- २) & (English Lyrics) PDF

Maa Baglamukh Ki Aarti, Hindi (English Lyrics) –

Aarti - 1

Jay Jay Shri Bagalamukhi Mata,
Aarti karhu tumhari |

Jay Jay Shri Bagalamukhi Mata,
Aarti karhu tumhari |

Peet vasan tan par tav sohai,
Kundal ki chabi nyaari |

Kar kamalon mein mudgar dharai,
Astuti karahin sakal nar naari |

Jay Jay Shri Bagalamukhi Mata …………

Champak maal gale lahraave,
Sur nar muni jay jayati uchaari |

Jay Jay Shri Bagalamukhi Mata ……………

Trividh taap miti jaat sakal sab,
Bhakti sada tav hai sukhkaari |

Jay Jay Shri Bagalamukhi Mata …………….

Palan harat srijat tum jag ko,
Sab jeevan ki ho rakhwaari ||

Jay Jay Shri Bagalamukhi Mata ………..

Moh nisha mein bhramat sakal jan,
Karahu hriday mah, tum ujiyaari ||

Jay Jay Shri Bagalamukhi Mata ………..

Timir nashavahu gyaan badhavahu,
Ambe tumhi ho asurari |

Jay Jay Shri Bagalamukhi Mata ………..

Santan ko sukh det sada hi,
Sab jan ki tum pran pyaari ||

Jay Jay Shri Bagalamukhi Mata ……….

Tav charnan jo dhyaan lagaavai,
Tako ho sab bhav – bhayahari |

Jay Jay Shri Bagalamukhi Mata ………..

Prem sahit jo karahin aarti,
Te nar mokshdham adhikaari ||

Jay Jay Shri Bagalamukhi Mata ………….

|| Doha ||

Bagalamukhi ki aarti, padhai sunai jo koi |
Vinati kulpati Mishra ki, sukh sampati sab hoy ||

Aarti - 2

Om Jai Baglamukhi Mata, Maiyya Jai Baglamukhi Mata
Adi Shakti Maharaani, Sabki Jag Data
Om Jai Baglamukhi Mata…

Sundar varn sunehri maa dharan kiye, Maiyya maa dharan kiye
Heera panna aa damke, maa sab shringar liye
Om Jai Baglamukhi Mata…

Ratan Sinhaasan baithee svarn chattar maa, Maiyya svarn chattar maa
Riddhi Siddhi chavar dola ve, Jag mag chattar chhata
Om Jai Baglamukhi Mata…

Vishnu sevak tere sevak Shiv data, Maiyya sevak Shiv data
Brahma Ved hai varnat, paar nahin paata
Om Jai Baglamukhi Mata…

Sundar thaal saja hai agar kapoor baati, Maiyya agar kapoor baati
Bhakton ko sukh deti, nishdin madamati
Om Jai Baglamukhi Mata…

Maa Baglamukhi ji ki Aarti, nishdin jo gaave,
Maiyya nishdin jo gaave
Kaht Satyaanand Swami, Bhav se tar jaave
Om Jai Baglamukhi Mata…

मां बगलामुखी की आरती का सरल भावार्थ हिंदी & English –

Om Jai Baglamukhi Mata, Maiyya Jai Baglamukhi Mata: This is a salutation to Baglamukhi Mata, an epithet used to address the goddess.

Adi Shakti Maharaani, Sabki Jag Data: Adi Shakti means the primal energy, Maharaani means the queen or the empress, and Sabki Jag Data means the giver of all things to everyone.

Sundar varn sunehri maa dharan kiye, Maiyya maa dharan kiye: This line describes the appearance of the goddess, with sundar (beautiful) varn (color) and sunehri (golden) maa dharan kiye (adorned with jewelry).

Heera panna aa damke, maa sab shringar liye: The goddess is further adorned with Heera (diamonds) and panna (emeralds), giving her a shining appearance.

Ratan Sinhaasan baithee svarn chattar maa, Maiyya svarn chattar maa: This line refers to the throne of the goddess, which is made of ratan (precious stones) and is covered with a svarn (gold) chattar (umbrella).

Riddhi Siddhi chavar dola ve, Jag mag chattar chhata: The goddess is fanned with chavar (whisks) of Riddhi and Siddhi, who are two attendant goddesses that represent prosperity and spiritual power. The jag mag (twinkling) chattar (umbrella) signifies the goddess’s power and glory.

Vishnu sevak tere sevak Shiv data, Maiyya sevak Shiv data: This line refers to the gods Vishnu and Shiva, who are devotees (sevak) of the goddess. Baglamukhi is described as the Shiv data, or the giver of blessings to Shiva.

Brahma Ved hai varnat, paar nahin paata: This line means that even the god Brahma, who is the creator of the universe and the Vedas, cannot fully describe the nature of the goddess.

Sundar thaal saja hai agar kapoor baati, Maiyya agar kapoor baati: This line describes the offering of agarbatti (incense) and kapoor (camphor) on a decorated thaal (plate) to the goddess.

Bhakton ko sukh deti, nishdin madamati: The goddess is said to bestow happiness to her devotees and to be always benevolent.

Maa Baglamukhi ji ki Aarti, nishdin jo gaave, Maiyya nishdin jo gaave: This line refers to the aarti or hymn to Baglamukhi, which is sung by her devotees at all times.

Kaht Satyaanand Swami, Bhav se tar jaave: The line is attributed to Satyaanand Swami, who proclaims that by singing the aarti to Baglamukhi, one can be freed from worldly suffering (bhav se tar jaave).

मां बगलामुखी की आरती का सरल भावार्थ हिंदी –

ओम जय बगलामुखी माता, मैय्या जय बगलामुखी माता: यह बगलामुखी माता को प्रणाम है, देवी को संबोधित करने के लिए एक विशेषण का प्रयोग किया जाता है।

आदि शक्ति महारानी, सबकी जग दाता: आदि शक्ति का अर्थ है मौलिक ऊर्जा, महारानी का अर्थ है रानी या साम्राज्ञी, और सबकी जग दाता का अर्थ है सभी को सब कुछ देने वाली।

सुंदर वर्ण सुनहरी मां धारण किए, मैय्या मां धारण किए: यह पंक्ति सुंदर (सुंदर) वर्ण (रंग) और सुनहरी (सुनहरी) मां धारण किए (गहने से सजी) के साथ देवी के स्वरूप का वर्णन करती है।

हीरा पन्ना आ दमके, मां सब श्रृंगार लिए: देवी को हीरा (हीरा) और पन्ना (पन्ने) से सजाया जाता है, जिससे उन्हें एक चमकदार रूप मिलता है।

रतन सिंहासन बैठे स्वर्ण छत्तर मां, मैय्या स्वर्ण छतर मां: यह पंक्ति देवी के सिंहासन को संदर्भित करती है, जो रतन (कीमती पत्थरों) से बना है और एक स्वर्ण (सोने) छत्तर (छाता) से ढका हुआ है।

रिद्धि सिद्धि चावर डोला वे, जग मग छतर छता: देवी को रिद्धि और सिद्धि के चवर (झुरके) से फनाया जाता है, जो दो सहायक देवी हैं जो समृद्धि और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं। जगमग (झिलमिलाती) छतर (छाता) देवी की शक्ति और महिमा का प्रतीक है।

विष्णु सेवक तेरे सेवक शिव डेटा, मैय्या सेवक शिव डेटा: यह पंक्ति भगवान विष्णु और शिव को संदर्भित करती है, जो देवी के भक्त (सेवक) हैं। बगलामुखी को शिव डेटा, या शिव को आशीर्वाद देने वाले के रूप में वर्णित किया गया है।

ब्रह्म वेद है वर्णत, पार नहीं पात: इस पंक्ति का अर्थ है कि भगवान ब्रह्मा भी, जो ब्रह्मांड और वेदों के निर्माता हैं, देवी के स्वरूप का पूरी तरह से वर्णन नहीं कर सकते हैं।

सुंदर थाल सजा है अगर कपूर बाती, मैय्या अगर कपूर बाती: इस पंक्ति में देवी को सजाई गई थाल (थाली) पर अगरबत्ती (धूप) और कपूर (कपूर) चढ़ाने का वर्णन है।

भक्तों को सुख देती, नष्ट मदमती: कहा जाता है कि देवी अपने भक्तों को सुख प्रदान करती हैं और हमेशा परोपकारी रहती हैं।

माँ बगलामुखी जी की आरती, समाप्ति जो गावे, मैय्या निषेधिन जो गावे: यह पंक्ति बगलामुखी की आरती या भजन को संदर्भित करती है, जिसे हर समय उनके भक्तों द्वारा गाया जाता है।

कहत सत्यानंद स्वामी, भव से तार जावे: इस पंक्ति का श्रेय सत्यानंद स्वामी को जाता है, जो घोषणा करते हैं कि बगलामुखी की आरती गाकर व्यक्ति को सांसारिक कष्टों से मुक्त किया जा सकता है (भाव से तार जावे)।

मां बगलामुखी की आरती का सरल भावार्थ PDF डाउनलोड (PDF Download) – 

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महत्वपूर्ण प्रश्न –


बगलामुखी की पूजा करने से क्या होता है?

बगलामुखी की पूजा करने से शत्रुओं और उनकी बुरी शक्तियों का नाश होता है। इस पूजा को करने से जातक के सभी रुके हुए काम शुरू हो जाते हैं और उनके अंदर से सभी प्रकार के भय नष्ट हो जाते हैं।

बगलामुखी का पाठ करने से क्या होता है?

बगलामुखी का पाठ करने से शत्रुओं का नाश होता है . इसके अलावा, इसके द्वारा संकटों और शत्रुओं से रक्षा की जा सकती है. बगलामुखी मंत्र का भी उच्चारण शत्रुओं के नाश के लिए किया जाता है .

मां बगलामुखी का बीज मंत्र क्या है?

ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्व दुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलयं बुद्धिं विनाशय ह्रीं ॐ स्वाहा

पूरे विश्व में बगलामुखी मंदिर कितने हैं?

भारत में मां बगलामुखी के तीन ही प्रमुख ऐतिहासिक मंदिर माने गए हैं जो क्रमश: दतिया (मध्यप्रदेश), कांगड़ा (हिमाचल) तथा नलखेड़ा जिला शाजापुर (मध्यप्रदेश) में हैं। तीनों का अपना अलग-अलग महत्व है।

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