🪔 यमुना जी की 2 आरती (हिंदी) & (English Lyrics) PDF

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यमुना जी की 2 आरती (हिंदी), jamuna ji ki aarti –

Aarti - 1

ॐ जय यमुना माता, हरि जय यमुना माता ।
जो नहावे फल पावे सुख दुःख की दाता ।।
ॐ जय यमुना माता…

पावन श्रीयमुना जल अगम बहै धारा ।
जो जन शरण में आया कर दिया निस्तारा ।।
ॐ जय यमुना माता…

जो जन प्रातः ही उठकर नित्य स्नान करे ।
यम के त्रास न पावे जो नित्य ध्यान करे ।।
ॐ जय यमुना माता…

कलिकाल में महिमा तुम्हारी अटल रही ।
तुम्हारा बड़ा महातम चारो वेद कही ।।
ॐ जय यमुना माता…

आन तुम्हारे माता प्रभु अवतार लियो ।
नित्य निर्मल जल पीकर कंस को मार दियो ।।
ॐ जय यमुना माता…

नमो मात भय हरणी शुभ मंगल करणी ।
मन बेचैन भया हैं तुम बिन वैतरणी ।।
ॐ जय यमुना माता…

Aarti - 2 

ॐ जय यमुना माता, श्री जय यमुना माता ।
जो नर तुमको ध्याता…, सब सुख है पाता ॥
ॐ जय यमुना माता

ॐ जय यमुना माता, श्री जय यमुना माता ।
जो नर तुमको ध्याता…, मनवांछित फल पाता ॥
ॐ जय यमुना माता

 पावन श्रीयमुना जल अगम बहै धारा ।
मैया अगम बहै धारा ॥
ॐ जय यमुना माता

जो जन प्रातः ही उठकर नित्य स्नान करे ।
मैया नित्य स्नान करे ॥
यम की त्रास न पावे, यम की त्रास न पावे  ।
जो नित्य ध्यान करे ॥
ॐ जय यमुना माता

महिमा इस कलिकाल में, तुम्हरी अटल रही ।
मैया तुम्हरी अटल रही ॥
तुम्हरौ बड़ा महातम, तुम्हरौ बड़ा महातम ।
चारो वेद कही ॥
ॐ जय यमुना माता

नीर तुम्हारे माता, प्रभु अवतार लियो ।
मैया प्रभु अवतार लियो ॥
नित्य निर्मल जल पीकर, नित्य निर्मल जल पीकर ।
कंस को मार दियो ॥
ॐ जय यमुना माता

नमो मात भय हरणी, शुभ मंगल करणी ।
मैया शुभ मंगल करणी ॥
मन ‘बेचैन’ भयो है, मन ‘बेचैन’ भयो है ।
तुम बिन वैतरणी ॥
ॐ जय यमुना माता

जो यमुना जी की आरती प्रेम सहित गावे ।
मैया प्रेम सहित गावे ॥
बहु धन धान्य भरे घर, बहु धन धान्य भरे घर ।
सुख समृधि आवे ॥
ॐ जय यमुना माता

ॐ जय यमुना माता, श्री जय यमुना माता ।
जो नर तुमको ध्याता…, मनवांछित फल पाता ॥
ॐ जय यमुना माता

ॐ जय यमुना माता, श्री जय यमुना माता ।
जो नर तुमको ध्याता…, मनवांछित फल पाता ॥
ॐ जय यमुना माता

🪔 यमुना जी की 2 आरती (हिंदी) & (English Lyrics) PDF

YamunaJi Ki Aarti, Hindi (English Lyrics),jamuna ji ki aarti –

Aarti - 1

Om Jai Yamuna Mata, Hari Jai Yamuna Mata,
Jo nahaave phal paave, sukh dukh ki daata.
Om Jai Yamuna Mata…

Paavan Shri Yamuna jal agam bahai dhaara,
Jo jan sharan mein aaya, kar diya nistaara.
Om Jai Yamuna Mata…

Jo jan praatah hi uthkar nitya snaan kare,
Yam ke traas na paave, jo nitya dhyaan kare.
Om Jai Yamuna Mata…

Kalikaal mein mahimaa tumhaari atal rahi,
Tumhaara bada mahaatam charo ved kahi.
Om Jai Yamuna Mata…

Aan tumhaare maata, Prabhu avataar liyo,
Nitya nirmal jal peekar, Kans ko maar diyo.
Om Jai Yamuna Mata…

Namo maat bhay harani, shubh mangal karani,
Man bechain bhaya hain, tum bin Vaitarani.
Om Jai Yamuna Mata…

Aarti - 2

Om Jai Yamuna Mata, Shri Jai Yamuna Mata,
Jo nar tumko dhyaata…, sab sukh hai paata.
Om Jai Yamuna Mata…

Om Jai Yamuna Mata, Shri Jai Yamuna Mata,
Jo nar tumko dhyaata…, manvaanchit phal paata.
Om Jai Yamuna Mata…

Paavan Shri Yamuna jal agam bahai dhaara,
Maiyaa agam bahai dhaara…
Om Jai Yamuna Mata…

Jo jan praatah hi uthkar nitya snaan kare,
Maiyaa nitya snaan kare…
Yam ki traas na paave, Yam ki traas na paave,
Jo nitya dhyaan kare…
Om Jai Yamuna Mata…

Mahimaa is kalikaal mein, tumhaari atal rahi,
Maiyaa tumhaari atal rahi…
Tumhaaro bada mahaatam, tumhaaro bada mahaatam,
Chaaro ved kahi…
Om Jai Yamuna Mata…

Neer tumhaare maata, Prabhu avataar liyo,
Maiyaa Prabhu avataar liyo…
Nitya nirmal jal peekar, nitya nirmal jal peekar,
Kans ko maar diyo…
Om Jai Yamuna Mata…

Namo maat bhay harani, shubh mangal karani,
Maiyaa shubh mangal karani…
Man ‘bechain’ bhayo hai, man ‘bechain’ bhayo hai,
Tum bin Vaitarani…
Om Jai Yamuna Mata…

Jo Yamuna ji ki aarti prem sahit gaave,
Maiyaa prem sahit gaave…
Bahu dhan dhanya bhare ghar, bahu dhan dhanya bhare ghar,
Sukh samridhi aave…
Om Jai Yamuna Mata…

Om Jai Yamuna Mata, Shri Jai Yamuna Mata,
Jo nar tumko dhyaata…, manvaanchit phal paata.
Om Jai Yamuna Mata…

Om Jai Yamuna Mata, Shri Jai Yamuna Mata,
Jo nar tumko dhyaata…, manvaanchit phal paata.
Om Jai Yamuna Mata…

https://shriaarti.in/

यमुना जी की आरती का सरल भावार्थ हिंदी & English –

“Om Jai Yamuna Mata, Hari Jai Yamuna Mata,”

The lines praise and felicitate Goddess Yamuna, extolling her victories and divine presence.
“The one who takes bath gets the fruits, the giver of happiness and sorrow.”

One who bathes in your waters receives both material and spiritual blessings and you are the giver of happiness and sorrow.
“Holy Shri Yamuna Jal Agam Bahai stream,”

The pure water of the holy Yamuna River flows endlessly, purifying and sanctifying all who come to its banks.
“The people who came to the shelter, got rid of it.”

Whoever takes refuge in you becomes free from his troubles and difficulties.
“The person who wakes up early in the morning and takes bath daily,”

Those who wake up early in the morning and bathe in your water daily, they are safe from the fear of death.
“He who meditates daily does not get troubled by Yama.”

Such persons remain untouched by the fear of Yama (the god of death) because of their constant meditation on you.
“Your glory remained unshakable in Kalikal,”

Your glory remains constant through the ages, even in the darkest times of Kaliyuga (the age of unrest).
“Tumhare Bada Mahamat Charo Veda Kahi.”

Your greatness has been described in the four Vedas, the holy scriptures of Hinduism.
“Come your mother, the Lord has incarnated,”

You are incarnated as the Divine Mother, and even the Lord has incarnated to take birth as your child.
“Kill Kansa by drinking pure water daily.”

Kansa, the symbol of evil, was defeated by drinking your eternal pure water.
“Namo Maat Bhay Harani, Shubh Mangal Karni,”
Greetings to you who removes fear, brings auspiciousness and prosperity.

यमुना जी की आरती का सरल भावार्थ हिंदी –

“ॐ जय यमुना माता, हरि जय यमुना माता,”

पंक्तियाँ देवी यमुना की स्तुति और अभिनंदन करती हैं, उनकी जीत और दिव्य उपस्थिति की सराहना करती हैं।
“जो नहावे फल पावे, सुख दुःख की दाता।”

जो आपके जल में स्नान करता है, उसे भौतिक और आध्यात्मिक दोनों प्रकार के आशीर्वाद प्राप्त होते हैं और आप सुख और दुःख के दाता हैं।
“पावन श्री यमुना जल अगम बहाई धारा,”

पवित्र यमुना नदी का शुद्ध जल अंतहीन रूप से बहता रहता है, जो इसके तट पर आने वाले सभी लोगों को शुद्ध और पवित्र करता है।
“जो जन शरण में आया, कर दिया निस्तारा।”

जो कोई भी आपकी शरण में आता है वह अपनी परेशानियों और कठिनाइयों से मुक्त हो जाता है।
“जो जन प्रातः हाय उथकर नित्य स्नान करे,”

जो लोग प्रातःकाल उठकर आपके जल में प्रतिदिन स्नान करते हैं, वे मृत्यु के भय से सुरक्षित रहते हैं।
“यम के त्रास न पावे, जो नित्य ध्यान करे।”

ऐसे व्यक्ति लगातार आपका ध्यान करने के कारण यम (मृत्यु के देवता) के भय से अछूते रहते हैं।
“कलिकाल में महिमा तुम्हारी अटल रही,”

युगों-युगों तक आपकी महिमा स्थिर रहती है, यहाँ तक कि कलियुग (अशांति के युग) के अंधकारमय समय में भी।
“तुम्हारा बड़ा महतम चारो वेद कहि।”

आपकी महानता का वर्णन हिंदू धर्म के पवित्र ग्रंथ चारों वेदों में किया गया है।
“आन तुम्हारी माता, प्रभु अवतार लियो,”

आप दिव्य माँ के रूप में अवतरित हैं, और यहाँ तक कि भगवान ने भी आपके बच्चे के रूप में जन्म लेने के लिए अवतार लिया है।
“नित्य निर्मल जल पीकर, कंस को मार दियो।”

आपके शाश्वत निर्मल जल का पान करके बुराई का प्रतीक कंस पराजित हुआ।
“नमो मात भय हरणी, शुभ मंगल करणी,”
भय को दूर करने वाली, शुभता और समृद्धि लाने वाली आपको नमस्कार है।

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