🪔 माता जगदम्बा जी की 2 आरती (हिंदी) & (English Lyrics) PDF

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माता जगदम्बा जी की 2 आरती (हिंदी), Jagdamba Mata Ki Aarti, jagdamba mata ki aarti –

आरती - १ 

आरती कीजे शैल सुता की,
जगदम्बा की आरती कीजै,
स्नेह सुधा, सुख सुन्दर लीजै |
जिनके नाम लेत दृग भीजै,
ऐसी वह माता वसुधा की ||

आरती कीजे शैल सुता की,
जगदम्बा की आरती कीजै |

पाप विनाशिनी, कलि – मल – हारिणी,
दयामयी भवसागर तारिणी |
शस्त्र धारिणी शैल विहारिणी,
बुधिराशी गणपति माता की ||

आरती कीजे शैल सुता की,
जगदम्बा की आरती कीजै |

सिंहवाहिनी मातु भवानी,
गौरव गान करें जग प्राणी |
शिव के हृदयासन की रानी,
करें आरती मिल- जुल ताकि |

आरती कीजे शैल सुता की,
जगदम्बा की आरती कीजै |

आरती - २ 

सुन मेरी देवी पर्वत बासिनि तेरा पार न पाया ।
सुन मेरी देवी पर्वत बासिनि तेरा पार न पाया ……

पान सुपारी धव्जा नरिरल ले तेरी भेंट चढ़ाया
सुन मेरी देवी पर्वत बासिनि तेरा पार न पाया ……

सुआ चोली तेरे अंग बिराजे, केसर तिलक लगाया
सुन मेरी देवी पर्वत बासिनि तेरा पार न पाया ……

ब्रह्मा वेद पढ़े तेरे द्वारे,शंकर तिलक लगाया
सुन मेरी देवी पर्वत बासिनि तेरा पार न पाया ……

नंगे नंगे पग से तेरे सम्मुख से अकबर आया
सोने का छत्र चढ़ाया…
सुन मेरी देवी पर्वत बासिनि तेरा पार न पाया ……

सतयुग द्वापर त्रेता मद्धया कलयुग राज सवाया ।।
सुन मेरी देवी पर्वत बासिनि तेरा पार न पाया ……

धुप, दीप, नैवैध आरती मोहन भोग लगाया ।।
सुन मेरी देवी पर्वत बासिनि तेरा पार न पाया ……

धयानू भक्त मैया तेरा गुण गाये मनबांछित्त फल पाया
सुन मेरी देवी पर्वत बासिनि तेरा पार न पाया ……

Jagdamba Mata Ji Ki Aarti, Hindi (English Lyrics) –

Aarti - 1 

Aarti kije Shail Suta ki,
Jagdamba ki aarti kijiye,
Sneh sudha, sukh sundar lijiye.
Jinke naam let drig bhi jiye,
Aisi woh mata Vasudha ki.

Aarti kije Shail Suta ki,
Jagdamba ki aarti kijiye.

Paap vinashini, Kali-mal-harini,
Dayamayi bhavasagar tarini.
Shastr dharni, Shail viharini,
Budhirashi Ganpati mata ki.

Aarti kije Shail Suta ki,
Jagdamba ki aarti kijiye.

Simhavahini matu Bhavani,
Gaurav gaan karen jag prani.
Shiv ke hridayaasan ki rani,
Karen aarti mil-jul taki.

Aarti kije Shail Suta ki,
Jagdamba ki aarti kijiye.

Aarti - 2

Suna meri devi parvat basini tera paar na paaya.
Suna meri devi parvat basini tera paar na paaya…

Paan supari dhvaja nariral le teri bhet chadhaya
Suna meri devi parvat basini tera paar na paaya…

Sua choli tere ang biraje, kesar tilak lagaya
Suna meri devi parvat basini tera paar na paaya…

Brahma ved pade tere dwar, Shankar tilak lagaya
Suna meri devi parvat basini tera paar na paaya…

Nange nange pag se tere sammukh se Akbar aaya
Sone ka chatra chadhaya…
Suna meri devi parvat basini tera paar na paaya…

Satyug dwapar treta madhyaa kalyug raj sawaya.
Suna meri devi parvat basini tera paar na paaya…

Dhup, deep, naivedya aarti mohan bhog lagaya.
Suna meri devi parvat basini tera paar na paaya…

Dhyano bhakt maiya tera gun gaaye man-banchhit phal paaya.
Suna meri devi parvat basini tera paar na paaya…

https://shriaarti.in/

माता जगदम्बा जी की आरती का सरल भावार्थ हिंदी & English –

perform aarti (the ritual of waving a lit lamp) to Shail Suta (the daughter of the mountain, Goddess Parvati),
Perform aarti of Jagdamba (Goddess Durga, the omnipresent Mother).

Take the nectar of love and the beauty of happiness.
Chant his name and live life.
Such is Mother Vasudha (Earth Goddess).

Perform the Aarti of Shail Suta,
Perform aarti of Jagdamba.

Destroyer of sins, Remover of darkness,
The merciful protector of the ocean of earthly existence.
bearer of scriptures, dweller of mountains,
Ganapati Mata (Goddess Parvati), the storehouse of knowledge.

Perform the Aarti of Shail Suta,
Perform aarti of Jagdamba.

O mother Bhavani riding on the lion,
All the creatures of the world sing your glory.
Queen of Lord Shiva’s heart,
Perform aarti together with joy and unity.

Perform the Aarti of Shail Suta,
Perform aarti of Jagdamba.

माता जगदम्बा जी की आरती का सरल भावार्थ हिंदी –

शैल सुता (पर्वत की बेटी, देवी पार्वती) की आरती (एक जलता हुआ दीपक लहराने की रस्म) करें,
जगदम्बा (देवी दुर्गा, सर्वव्यापी माता) की आरती करें।

प्यार का अमृत और खुशी की सुंदरता लें।
उनके नाम का जाप करें और जीवन जियें।
ऐसी है माँ वसुधा (पृथ्वी देवी)।

शैल सुता की आरती उतारें,
जगदंबा की आरती करें.

पापों का नाश करने वाला, अंधकार को दूर करने वाला,
सांसारिक अस्तित्व के सागर के दयालु रक्षक।
धर्मग्रंथों के वाहक, पर्वतों के निवासी,
गणपति माता (देवी पार्वती), ज्ञान का भंडार।

शैल सुता की आरती उतारें,
जगदंबा की आरती करें.

हे शेर पर सवार माँ भवानी,
संसार के सभी प्राणी आपकी महिमा गाते हैं।
भगवान शिव के हृदय की रानी,
हर्ष और एकता के साथ मिलकर आरती करें।

शैल सुता की आरती उतारें,
जगदंबा की आरती करें.

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