🪔कात्यायनी माता जी की आरती (हिंदी) & (English Lyrics) PDF

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कात्यायनी माता जी की आरती (हिंदी) –

आरती - १ 

जय जय अंबे जय कात्यायनी।
जय जगमाता जग की महारानी॥

बैजनाथ स्थान तुम्हारी।
वहां वरदानी नाम पुकारा॥

कई नाम है कई धाम हैं।
यह स्थान भी तो सुखधाम है॥

हर मंदिर में जोत तुम्हारी।
कही योगेश्वरी महिमा न्यारी॥

हर जगह उत्सव होते रहते।
हर मंदिर में भक्त हैं कहते॥

कात्यायनी रक्षक काया की।
ग्रंथि काटे मोह माया की॥

झूठे मोह से छुड़ानेवाली।
अपना नाम जपनेवाली॥

बृहस्पतिवार को पूजा करियो।
ध्यान कात्यायनी का धरियो॥

हर संकट को दूर करेगी।
भंडारे भरपूर करेगी॥

जो भी माँ को भक्त पुकारे।
कात्यायनी सब कष्ट निवारे॥

आरती - २ 

जय कात्यायनि माँ, मैया जय कात्यायनि माँ।
उपमा रहित भवानी, दूँ किसकी उपमा ॥ मैया जय कात्यायनि ॥

गिरजापति शिव का तप, असुर रम्भ कीन्हाँ ।
वर-फल जन्म रम्भ गृह, महिषासुर लीन्हाँ ॥ मैया जय कात्यायनि ॥

कर शशांक-शेखर तप, महिषासुर भारी ।
शासन कियो सुरन पर, बन अत्याचारी ॥ मैया जय कात्यायनि ॥

त्रिनयन ब्रह्म शचीपति, पहुँचे, अच्युत गृह ।
महिषासुर बध हेतू, सुर कीन्हौं आग्रह ॥ मैया जय कात्यायनि ॥

सुन पुकार देवन मुख, तेज हुआ मुखरित ।
जन्म लियो कात्यायनि, सुर-नर-मुनि के हित ॥ मैया जय कात्यायनि ॥

अश्विन कृष्ण-चौथ पर, प्रकटी भवभामिनि ।
पूजे ऋषि कात्यायन, नाम काऽऽत्यायिनि ॥ मैया जय कात्यायनि ॥

अश्विन शुक्ल-दशी को, महिषासुर मारा॥ मैया जय कात्यायनि ॥

🪔कात्यायनी माता जी की आरती (हिंदी) & (English Lyrics) PDF

katyayani mata Ji Ki Aarti, Hindi (English Lyrics) –

Aarti - 1


Jai Jai Ambe Jai Katyayani.
Jai Jagmata Jag ki Maharani.

Baijnath sthan tumhari.
Wahan vardani naam pukara.

Kai naam hain, kai dhaam hain.
Yeh sthan bhi to sukhdham hai.

Har mandir mein jot tumhari.
Kahi Yogeshwari mahima nyari.

Har jagah utsav hote rahate.
Har mandir mein bhakt hain kehte.

Katyayani rakshak kaya ki.
Granthi kaate moh maya ki.

Jhoothe moh se chhudane wali.
Apna naam japane wali.

Brihaspativar ko puja kariyo.
Dhyaan Katyayani ka dhariyo.

Har sankat ko door karegi.
Bhandare bharpoor karegi.

Jo bhi Maa ko bhakt pukare.
Katyayani sab kasht nivare.

Aarti - 2


Jai Katyayani Maa,
Maiya Jai Katyayani Maa.
Upma rahit Bhavani,
dun kiski upma. Maiya Jai Katyayani.

Girjapati Shiva ka tap,
asur Rambh keenhan.
Var-fal janam Rambh grih,
Mahishasur leenhan. Maiya Jai Katyayani.

Kar shashank-shehkar tap,
Mahishasur bhari.
Shashan kiyo suran par,
ban atyachari. Maiya Jai Katyayani.

Trinayan Brahma Shachipati,
pahunchen, achyut grih.
Mahishasur badh hetu,
sur kinhon agrah. Maiya Jai Katyayani.

Sun pukaar devan mukh,
tej hua mukharit.
Janm liyo Katyayani,
sur-nar-muni ke hit. Maiya Jai Katyayani.

Ashwin Krishna-chauth par,
prakat bhav-bhamini.
Pooje rishi Katyayana,
naam kaa’tyaayini. Maiya Jai Katyayani.

Ashwin Shukl-dashi ko,
Mahishasur mara. Maiya Jai Katyayani.

https://shriaarti.in/

कात्यायनी माता जी की २ आरती का सरल भावार्थ हिंदी & English –

Jai Jai Ambe Jai Katyayani: Hail to Goddess Amba and Katyayani. (Amba and Katyayani are different names or aspects of the goddess.)

Jai Jagmata Jag Ki Maharani: Hail Mother of the World, Queen of the World.

Baijnath Sthana Tumhari: Your abode is in Baijnath (a sacred place associated with the Goddess).

There, the devotees call you by the name “Vardani”, which means the one who gives blessings.

Kai naam hai, kai dham hai: You have many names and You live in different abodes.

This place is also a land of happiness: This place (Baijnath) is also a blessed land.

Har Mandir Mein Jot Tumhari: Your divine light shines in every temple.

Kahi Yogeshwari Mahima Nyari: Oh Yogeshwari (a name of the Goddess), your glory is sung everywhere.

Festivals take place everywhere: Festivals are celebrated everywhere.

There are devotees in every temple. They say: Devotees praise you in every temple.

Katyayani protector of body: Katyayani who protects the body.

Granthi kate moh maya ki: She cuts the knots of illusion (moh maya).

Deliverer from false attachment: She frees us from false attachment.

One who chants her name: One who chants her name.

Worship Brihaspativar: Worship Brihaspati (Thursday), this day is dedicated to the Goddess.

Meditate on Katyayani: Meditate on Katyayani.

Will remove every crisis: She will remove all difficulties.

Bhandare borich karega: She will fill our lives with abundance.

Whoever calls mother a devotee: Whoever calls mother with devotion.

Katyayani Sab Kasht Niware: Katyayani will remove all their sorrows and difficulties.

कात्यायनी माता जी की २ आरती का सरल भावार्थ हिंदी –

जय जय अम्बे जय कात्यायनी: देवी अम्बा और कात्यायनी की जय। (अम्बा और कात्यायनी देवी के अलग-अलग नाम या पहलू हैं।)

जय जगमाता जग की महारानी: विश्व माता, विश्व की रानी की जय।

बैजनाथ स्थान तुम्हारी: आपका निवास बैजनाथ (देवी से जुड़ा एक पवित्र स्थान) में है।

वहां वरदानी नाम पुकारा: वहां, भक्त आपको “वरदानी” नाम से बुलाते हैं, जिसका अर्थ है आशीर्वाद देने वाला।

काई नाम है, काई धाम है: आपके कई नाम हैं और आप विभिन्न निवासों में रहते हैं।

ये स्थान भी तो सुखधाम है: यह स्थान (बैजनाथ) भी धन्य धाम है।

हर मंदिर में जोत तुम्हारी: आपकी दिव्य रोशनी हर मंदिर में चमकती है।

कहि योगेश्वरी महिमा न्यारी: हे योगेश्वरी (देवी का एक नाम), आपकी महिमा हर जगह गाई जाती है।

हर जगह उत्सव होते रहते हैं: हर जगह त्योहार मनाए जाते हैं।

हर मंदिर में भक्त हैं कहते: हर मंदिर में भक्त आपकी स्तुति करते हैं।

कात्यायनी रक्षक काया की: शरीर की रक्षा करने वाली कात्यायनी।

ग्रंथि काटे मोह माया की: वह भ्रम की गांठों को काटती है (मोह माया)।

झूठे मोह से छुड़ाने वाली: वह हमें झूठे मोह से मुक्त करती है।

अपना नाम जपने वाली: जो अपना नाम जपती है।

बृहस्पतिवर को पूजा करियो: बृहस्पति (गुरुवार) की पूजा करें, यह दिन देवी को समर्पित है।

ध्यान कात्यायनी का धरियो: कात्यायनी का ध्यान करो।

हर संकट को दूर करेगी: वह सभी कठिनाइयों को दूर कर देगी।

भंडारे भरपूर करेगी: वह हमारे जीवन को प्रचुरता से भर देगी।

जो भी माँ को भक्त पुकारे: जो भी माँ को श्रद्धा से बुलाता है।

कात्यायनी सब कष्ट निवारे: कात्यायनी उनके सभी दुखों और कठिनाइयों को दूर कर देंगी।

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चालीसा संग्रह देखे – लिक

महत्वपूर्ण प्रश्न –

कात्यायनी देवी की शक्तियां क्या हैं?

कात्यायनी देवी की शक्तियां:
वीर्यवान शक्ति: वह धैर्य, साहस और समर्थता की प्रतीक हैं।
ब्रह्मचारिणी शक्ति: वह तपस्या, व्रत, और नैतिकता की शक्तिशाली प्रतीक हैं।
बाला शक्ति: वह पुरुषार्थ और संयम की शक्ति हैं।
ज्ञान शक्ति: वह ज्ञान, विवेक, और बुद्धि की शक्ति हैं।
कौमार्य शक्ति: वह स्वच्छंदता, स्वतंत्रता, और निर्भयता की प्रतीक हैं।
अनन्ता शक्ति: वह सर्वव्याप्ति, शक्तिशाली और अद्भुत शक्ति हैं।

हम देवी कात्यायनी की पूजा क्यों करते हैं?

हम देवी कात्यायनी की पूजा इसलिए करते हैं क्योंकि वे हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण देवी माता मानी जाती हैं। भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण की वासुदेवी रूप कात्यायनी देवी नवरात्रि के पांचवें दिन को पूजी जाती हैं। नवरात्रि के इस दिन, उनकी पूजा करने से मातृ शक्ति की कृपा प्राप्त होती है और सभी दुःखों एवं बुराईयों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही, भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होने में भी माता कात्यायनी की कृपा मिलती है। उन्हें पूजा करने से विद्या, संपत्ति, सौभाग्य, और समृद्धि की प्राप्ति होती है। इसलिए हम देवी कात्यायनी की पूजा करते हैं।

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