🪔 श्री तिरुपति बालाजी की आरती (हिंदी) & (English Lyrics) PDF

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श्री तिरुपति बालाजी की आरती (हिंदी), tirupati balaji aarti –

जय तिरुपति बालाजी,
जय तिरुपति बालाजी,
जय जय वेंकट स्वामी,
तुम हो अंतर्यामी,
जय श्री नाथ हरी,
जय तिरुपति बालाजी,
जय तिरुपति बालाजी,
जय तिरुपति बालाजी,
जय जय वेंकट स्वामी,
तुम हो अंतर्यामी,
जय श्री नाथ हरी,
जय तिरुपति बालाजी….

अगणित नाम तुम्हारे अगणित रूप धरे,
स्वामी अगणित रूप धरे,
तुमको ध्याये उनके,
तुमको ध्याये उनके,
तुमने कष्ट हरे,
जय तिरुपति बालाजी,
दाएं कर में सुदर्शन बाएं में शंख धरे,
बाएं कर में शंख धरे,
द्वार पे आये जो भी,
द्वार पे आये जो भी,
कामना सफल करे,
जय तिरुपति बालाजी,
असुर बलि को हरनी वराह स्वरुप लिया,
स्वामी वराह स्वरुप लिया,
अर्धांगिनी धरती संग,
अर्धांगिनी धरती संग,
गिरी पर वास किया,
जय तिरुपति बालाजी…..

सतयुग में गरुड़ाद्रि,
त्रेता में वृषभाद्रि,
गिरी कहलाया वृषभाद्रि,
द्वापर में अंजनाद्रि,
द्वापर में अंजनाद्रि,
कलि में वेंकटाद्रि,
जय तिरुपति बालाजी,
भूमि पर ऋषियों ने मिलकर यज्ञ किया,
फल यज्ञ का तुमको दिया,
वैंकुंठ त्याग धरा पर,
वैंकुंठ त्याग धरा पर,
तुमने वास किया,
जय तिरुपति बालाजी….

लक्ष्मी ने पद्मावती बनकर जनम लिया,
धरती पर जनम लिया,
बन में सखियों के संग,
विचर रही थी वे जग,
तुमसे मिलन हुआ,
जय तिरुपति बालाजी…

तिरुपति नाथ की महिमा जो निसदिन गाये,
वरदान वो नित पाये,
धन वैभव सुख सारे,
धन वैभव सुख सारे,
जीवन भर पाये,
जय तिरुपति बालाजी,
जय तिरुपति बालाजी,
जय तिरुपति बालाजी,
जय तिरुपति बालाजी,
जय जय वेंकट स्वामी,
तुम हो अंतर्यामी,
जय श्री नाथ हरी,
जय तिरुपति बालाजी,
जय तिरुपति बालाजी,
जय तिरुपति बालाजी,
जय जय वेंकट स्वामी,
तुम हो अंतर्यामी,
जय श्री नाथ हरी,
जय तिरुपति बालाजी…..

श्री तिरुपति बालाजी की आरती (हिंदी) & (English Lyrics) PDF

Tirupati Balaji Ki Aarti, Hindi (English Lyrics) –

Jai Tirupati Balaji,
Jai Tirupati Balaji,
Jai Jai Venkateshwara Swami,
Tum ho antaryami,
Jai Shri Nath Hari,
Jai Tirupati Balaji,

Aganit naam tumhare, aganit roop dhare,
Swami aganit roop dhare,
Tumko dhyaaye unke,
Tumne kasht hare,
Jai Tirupati Balaji,

Daayein kar mein Sudarshan, baayein mein shankh dhare,
Baayein kar mein shankh dhare,
Dwaar pe aaye jo bhi,
Kaamna safal kare,
Jai Tirupati Balaji,

Asur bali ko haarani, varah swaroop liya,
Swami varah swaroop liya,
Ardhangini dharti sang,
Giri par vaas kiya,
Jai Tirupati Balaji…

Satyug mein Garudadri, Treta mein Vrishabhadr,
Giri kahlaaya Vrishabhadr,
Dwapar mein Anjanadri, Kali mein Venkatadri,
Jai Tirupati Balaji,

Bhoomi par rishiyon ne milkar yagya kiya,
Phal yagya ka tumko diya,
Vaikunth tyag dharapar,
Tumne vaas kiya,
Jai Tirupati Balaji…

Lakshmi ne Padmavati ban kar janam liya,
Dharti par janam liya,
Ban mein sakhiyon ke sang,
Vichar rahi thi ve jag,
Tumse milan hua,
Jai Tirupati Balaji…

Tirupati Nath ki mahima jo nis din gaaye,
Varadaan vo nit paaye,
Dhan vaibhav sukh saare,
Jeevan bhar paaye,
Jai Tirupati Balaji,

Jai Tirupati Balaji,
Jai Jai Venkateshwara Swami,
Tum ho antaryami,
Jai Shri Nath Hari,
Jai Tirupati Balaji.

Jai Tirupati Balaji,
Jai Tirupati Balaji,
Jai Jai Venkateshwara Swami,
Tum ho antaryami,
Jai Shri Nath Hari,
Jai Tirupati Balaji,

https://shriaarti.in/

श्री तिरुपति बालाजी की आरती का सरल भावार्थ हिंदी & English –

Jai Tirupati Balaji: Victory to Tirupati Balaji.
Jai Jai Venkateshwara Swami: Victory, victory to Lord Venkateshwara.
Tum ho antaryami: You are the inner guide.
Jai Shri Nath Hari: Victory to Lord Shri Nath Hari.
Aganit naam tumhare: Your names are countless.
Aganit roop dhare: You possess countless forms.
Swami aganit roop dhare: O Lord, you possess countless forms.
Tumko dhyaaye unke: By meditating on you, one can remember them.
Tumne kasht hare: You remove the sufferings of your devotees.
Daayein kar mein Sudarshan: In your right hand, you hold Sudarshan Chakra.
Baayein mein shankh dhare: In your left hand, you hold the conch shell.
Baayein kar mein shankh dhare: In your left hand, you hold the conch shell.
Dwaar pe aaye jo bhi: Whoever comes to your door.
Kaamna safal kare: Their wishes are fulfilled.
Asur bali ko haarani: You defeated the demon king Bali.
Varah swaroop liya: You took the form of a boar.
Ardhangini dharti sang: Along with your consort, you reside on the earth.
Giri par vaas kiya: You reside on the mountain.
Satyug mein Garudadri: In Satyug, you appeared as Garudadri.
Treta mein Vrishabhadr: In Treta, you appeared as Vrishabhadr.
Giri kahlaaya Vrishabhadr: You were called Vrishabhadr on the mountain.
Dwapar mein Anjanadri: In Dwapar, you appeared as Anjanadri.
Kali mein Venkatadri: In Kaliyug, you reside on Venkatadri.
Bhoomi par rishiyon ne milkar yagya kiya: The sages performed a yagna on the earth.
Phal yagya ka tumko diya: You were given the fruit of the yagna.
Vaikunth tyag dharapar: You left Vaikunth and came to the earth.
Tumne vaas kiya: You reside on the earth.
Lakshmi ne Padmavati ban kar janam liya: Goddess Lakshmi took birth as Padmavati.
Dharti par janam liya: She was born on the earth.
Ban mein sakhiyon ke sang: She was surrounded by her friends in the forest.
Vichar rahi thi ve jag: They were discussing the world.
Tumse milan hua: She met you.
Tirupati Nath ki mahima jo nis din gaaye: Those who sing the praises of Tirupati Nath every day.
Varadaan vo nit paaye: They receive blessings every day.
Dhan vaibhav sukh saare – Attaining wealth, prosperity, and happiness
Jeevan bhar paaye – Obtaining them for the entire lifetime
Jai Tirupati Balaji – Hail Lord Tirupati Balaji
Jai Jai Venkateshwara Swami – Hail, hail Venkateshwara Swami
Tum ho antaryami – You are the inner guide
Jai Shri Nath Hari – Hail Shri Nath Hari
Jai Tirupati Balaji – Hail Lord Tirupati Balaji
Jai Tirupati Balaji – Hail Lord Tirupati Balaji.

श्री तिरुपति बालाजी की आरती का सरल भावार्थ हिंदी –

जय तिरुपति बालाजी: तिरुपति बालाजी की जय।
जय जय वेंकटेश्वर स्वामी: जय हो, जय हो भगवान वेंकटेश्वर की।
तुम हो अंतर्यामी: तुम अंतर्यामी हो।
जय श्री नाथ हरि: जय श्री नाथ हरि।
अगणित नाम तुम्हारे: तुम्हारे नाम असंख्य हैं।
अगणित रूप धरे: आपके असंख्य रूप हैं।
स्वामी अगणित रूप धरे: हे प्रभु, आपके असंख्य रूप हैं।
तुमको ध्याये उनके: आपका ध्यान करने से, कोई भी उन्हें याद कर सकता है।
तुमने कट हरे: आप अपने भक्तों के कष्ट दूर करते हैं।
दायीं कर में सुदर्शन: आप अपने दाहिने हाथ में सुदर्शन चक्र धारण करते हैं।
बायें में शंख धरे: अपने बाएं हाथ में आप शंख धारण करते हैं।
बायीं कर में शंख धरे: अपने बाएं हाथ में आप शंख धारण करते हैं।
द्वार पे आए जो भी: जो कोई तेरे द्वार आए।
कामना सफल करे: उनकी मनोकामना पूरी होती है।
असुर बली को हारणी: आपने राक्षस राजा बाली को हराया।
वराह स्वरूप लिया: आपने वराह का रूप धारण किया।
अर्धांगिनी धरती ने गाया: आप अपनी पत्नी सहित, पृथ्वी पर निवास करती हैं।
गिरि पर वास किया: आप पर्वत पर निवास करते हैं।
सतयुग में गरुड़द्रि: सतयुग में आप गरुड़द्रि के रूप में अवतरित हुईं।
त्रेता में वृषभभद्र: त्रेता में आप वृषभद्र के रूप में प्रकट हुए।
गिरि कहलाय वृषभद्र: पर्वत पर आप वृषभद्र कहलाते थे।
द्वापर में अंजनाद्रि: द्वापर में आप अंजनाद्री के रूप में प्रकट हुईं।
कलि में वेंकटद्री: कलियुग में आप वेंकटाद्री पर निवास करते हैं।
भूमि पर ऋषियों ने मिलकर यज्ञ किया: ऋषियों ने पृथ्वी पर यज्ञ किया।
फल यज्ञ का तुमको दिया: आपको यज्ञ का फल मिला।
वैकुंठ त्याग धारापर: आप वैकुंठ छोड़कर पृथ्वी पर आए।
तुमने वास किया: तुम पृथ्वी पर निवास करते हो।
लक्ष्मी ने पद्मावती बन कर जन्म लिया: देवी लक्ष्मी ने पद्मावती के रूप में जन्म लिया।
धरती पर जन्म लिया: वह धरती पर पैदा हुई थी।
बन में सखियों के संग: वह जंगल में अपनी सहेलियों से घिरी हुई थी।
विचार रही थी वे जग: वे संसार की चर्चा कर रहे थे।
तुमसे मिलन हुआ: वह तुमसे मिली थी।
तिरुपति नाथ की महिमा जो निस दिन गए: जो हर दिन तिरुपति नाथ की स्तुति गाते हैं।
वरदान वो नित पाए: उन्हें हर दिन आशीर्वाद मिलती है।
धन वैभव सुख सारे – धन, समृद्धि और सुख की प्राप्ति
जीवन भर पाए – उन्हें जीवन भर के लिए प्राप्त करना
जय तिरुपति बालाजी – तिरुपति बालाजी भगवान की जय
जय जय वेंकटेश्वर स्वामी – जय जय वेंकटेश्वर स्वामी
तुम हो अंतर्यामी – तुम अंतर्यामी हो
जय श्री नाथ हरि – जय श्री नाथ हरि
जय तिरुपति बालाजी – तिरुपति बालाजी भगवान की जय
जय तिरुपति बालाजी – तिरुपति बालाजी भगवान की जय।

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